उत्तर प्रदेशवाराणसी

वाराणसी पब्लिक स्कूल में मिशन शक्ति-5 के तहत जागरूकता अभियान, छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध की दी जानकारी

वाराणसी। वाराणसी पब्लिक स्कूल, केराकतपुर, लोहता में मिशन शक्ति-5 के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण को लेकर विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आपात स्थिति में उपलब्ध पुलिस सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में एसीपी रोहनिया अवधेश कुमार विश्वकर्मा, इंस्पेक्टर दिगम्बर उपाध्याय सहित लोहता क्षेत्र की पुलिस टीम और महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहीं। विद्यालय के डायरेक्टर अमित पांडे, प्रिंसिपल, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

छात्राओं को दी हेल्पलाइन और पुलिस सहायता की जानकारी

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी तरह की परेशानी, छेड़छाड़, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस की सहायता लेने की अपील की गई।

इस दौरान छात्राओं को महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, ताकि आपात स्थिति में वे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।

साइबर अपराध से बचाव के बताए तरीके

जागरूकता अभियान में छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, अनजान लोगों से ऑनलाइन बातचीत में सावधानी बरतने तथा निजी जानकारी, फोटो और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।

अधिकारियों ने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी गलत व्यवहार का विरोध करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी, जागरूक और सशक्त बनाना है।

छात्राओं ने पूछे सुरक्षा से जुड़े सवाल

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़े सवाल भी पूछे। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं के सवालों का सरल भाषा में जवाब देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया।

मिशन शक्ति-5 के तहत आयोजित इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को सुरक्षा, साइबर जागरूकता और पुलिस सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम ने छात्राओं को किसी भी आपात स्थिति में सजग रहने और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

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