रैथा की गलियां या राजनीति का तालाब? जलभराव से ग्रामीण परेशान
भरौझा यादव बस्ती में घुटनों तक पानी जमा होने का दावा, 25 से अधिक परिवार प्रभावित; ग्रामीणों ने जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की

रिपोर्ट: अवधेश राय
चंदौली। विकासखंड धानापुर की ग्राम सभा रैथा स्थित भरौझा यादव बस्ती में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती की गलियों में घुटनों तक पानी जमा है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और करीब 25 से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के चलते छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को घरों से बाहर निकलने में काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, पालतू पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त सूखी जगह नहीं मिलने से भी परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय स्तर पर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर राजनीति हावी होने की चर्चा भी ग्रामीणों के बीच है। हालांकि, किसी व्यक्ति या पक्ष पर सीधे आरोप लगाने से पहले मौके की वास्तविक स्थिति और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था समय रहते कर दी जाए तो हर वर्ष बरसात में होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने और समस्या सही पाए जाने पर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के विकास का आकलन केवल सड़क और भवनों से नहीं, बल्कि आम लोगों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से भी होता है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर जलनिकासी की दिशा में क्या कदम उठाते हैं।



