उत्तर प्रदेशचंदौली

श्रीराम कथा में गूंजा भक्ति का संदेश, शालिनी त्रिपाठी ने दिया आध्यात्मिक उपदेश

खरौझा गांव में श्रीराम कथा के दूसरे दिन भक्ति का उमड़ा सैलाब, शिव-विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

रिपोर्ट: गणपत राय 

इलिया क्षेत्र के खरौझा गांव में हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही नवदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा पंडाल भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। द्वितीय दिवस की कथा में मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने शिव विवाह और सती प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

कथा के दौरान शालिनी त्रिपाठी ने गूढ़ आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संत, सद्ग्रंथ, मंत्र और प्रभु की कभी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन चार तत्वों पर संशय करने वाला व्यक्ति स्वयं ही दुख और भ्रम में पड़ जाता है, जबकि श्रद्धा और विश्वास ही सच्ची भक्ति का आधार होते हैं।

उन्होंने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के माध्यम से त्याग, विश्वास और समर्पण की महिमा का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि जहां आस्था और समर्पण होता है, वहीं दिव्यता का वास होता है। कथा के दौरान “हर-हर महादेव” और “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।

इस मौके पर चंद्रशेखर पांडे, राजन सिंह, अस्पताली सिंह, त्रिवेणी दुबे, पीके सिंह, रविकांत पांडे, मुन्ना प्रजापति, रोली, गीता, रीना, गुलजारी समेत क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

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