नीबूपुर में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, रेलवे के रास्ता बंद करने के फैसले का जोरदार विरोध
सिकटिया के बाद चंदौली के नीबूपुर में प्रदर्शन तेज, अंडरपास की मांग पूरी होने तक रास्ता बंद न करने की चेतावनी

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चंदौली। जनपद में रेलवे द्वारा बिना वैकल्पिक व्यवस्था के आम रास्तों को बंद करने के फैसले के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सिकटिया में चल रहे विवाद के बाद अब नीबूपुर में भी लोगों ने रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक अंडरपास का निर्माण नहीं किया जाता, तब तक रास्ता बंद नहीं होने दिया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते को रेलवे बंद करने जा रहा है, वह वर्षों से गांव के लोगों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। ऐसे में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इसे बंद करना उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रेल अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए इसे “तानाशाही” करार दिया। उनका आरोप है कि प्रशासन जनभावनाओं की अनदेखी कर मनमानी कर रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि रास्ता बंद करने से पहले अंडरपास जैसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि इससे पहले सिकटिया में भी रेलवे के इसी फैसले को लेकर ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया था। अब नीबूपुर के लोगों ने भी उसी तर्ज पर आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों के नाम पर उन्हें उनके ही गांव में कैद नहीं किया जा सकता। यदि जबरन रास्ता बंद किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।



