उत्तर प्रदेशचंदौली

चंदौली में कोचिंग सेंटर में घुसकर शिक्षक पर हमला, मारपीट और लूटपाट से मचा हड़कंप

दिनदहाड़े 15-20 हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम, पीड़ित ने पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप

रिपोर्ट: लारेंस सिंह

चंदौली के बबुरी बाजार स्थित ‘एनी बेसेंट कोचिंग सेंटर’ में दिनदहाड़े घुसकर शिक्षक के साथ मारपीट और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कोचिंग संचालक अजय कुमार मौर्य ने इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 13 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 1 बजे की है। उस समय अजय कुमार मौर्य अपने कोचिंग सेंटर में छात्रों को पढ़ा रहे थे, तभी अचानक 15-20 की संख्या में पहुंचे हमलावरों ने परिसर में घुसकर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों का कनेक्शन काट दिया, ताकि घटना का कोई सबूत न रह सके। इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद कर शिक्षक पर बेल्ट और हाथों से हमला किया गया।

करीब आधे घंटे तक चली इस घटना में हमलावरों ने अजय कुमार मौर्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उनसे करीब 8 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी छीन लिया। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों का दुस्साहस इतना था कि मारपीट के बाद उन्हें सड़क पर घसीटकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।

घटना के दौरान जब आसपास मौजूद लोग, छात्र और अभिभावक बचाव के लिए पहुंचे, तो हमलावरों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। भीड़ बढ़ती देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़ित शिक्षक ने इस हमले के पीछे करीब चार साल पुरानी रंजिश को वजह बताया है। उनका कहना है कि आरोपित लंबे समय से उन्हें कोचिंग सेंटर बंद करने के लिए धमका रहे थे। घटना के बाद घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

अजय कुमार मौर्य ने इस मामले में जानू जायसवाल, कार्तिक जायसवाल, राहुल सेठ और रवि केसरी सहित अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया है। उनका आरोप है कि वीडियो फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय मामले को टाल रही है।

पीड़ित ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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