चंदौली में PCF के सहायक आयुक्त श्रीप्रकाश उपाध्याय निलंबित, धान खरीद में भ्रष्टाचार उजागर
विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव की शिकायत के बाद कार्रवाई, जांच में वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग की पुष्टि

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चंदौली में उत्तर प्रदेश शासन ने भ्रष्टाचार और सरकारी कार्यों में लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पीसीएफ (PCF) के सहायक आयुक्त (एआर) श्रीप्रकाश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई धान खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और चहेते लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोपों के आधार पर की गई है।
बताया जा रहा है कि यह मामला तब तूल पकड़ा जब सकलडीहा से समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने लगातार इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सरकारी बैठकों से लेकर विधानसभा तक पीसीएफ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया था कि धान खरीद में नियमों की अनदेखी कर निजी हितों के लिए क्रय केंद्र आवंटित किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रमुख सचिव (सहकारिता) द्वारा गहन जांच के आदेश दिए गए थे। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पिछले वर्ष खोले गए दो दर्जन से अधिक केंद्रों पर नियमों के विपरीत ऐसे लोगों को प्रभारी बनाया गया, जिनका सीधा संबंध मिलरों से था। इसके साथ ही किसानों से धान खरीद में बड़े स्तर पर धांधली और अनियमितताओं की पुष्टि हुई।
जांच अधिकारियों ने श्रीप्रकाश उपाध्याय को सरकारी कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और पद के दुरुपयोग का दोषी माना। इसी आधार पर प्रमुख सचिव ने निलंबन आदेश जारी किए। पीसीएफ के रीजनल एआर सुधीर पांडेय ने भी शासन के निर्देश पर कार्रवाई की पुष्टि की है।
मामले की गहराई से जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो पूरे सिंडिकेट और संभावित वित्तीय गबन के पहलुओं की पड़ताल करेगी।
विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि किसानों के हक के लिए उन्होंने सदन से लेकर शासन तक आवाज उठाई और जांच में भ्रष्टाचार साबित होना उनकी शिकायतों की पुष्टि है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।



