स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के खिलाफ वाराणसी में किसानों का अनोखा विरोध, खेतों में लगे बैनर
“जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” के नारों से गूंजा हरसोस; चार गांवों की 347 एकड़ जमीन अधिग्रहण का आरोप

वाराणसी के सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के हरसोस ग्राम सभा में किसानों ने शासन और प्रशासन के विरोध में खेतों में अनोखे बैनर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। बैनरों पर लिखे संदेश – “जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे” और “मेरी जमीन मेरे पूर्वज और मेरी मां के समान है, किसान सौदा नहीं करेगा”- ने पूरे इलाके का ध्यान आकर्षित किया है।
किसानों का आरोप है कि सरकार अर्बन टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर उनकी जमीन अधिग्रहित करना चाहती है। उनका कहना है कि इस योजना के तहत गंजारी, हरसोस, हरपुर और शिवसागर समेत चार गांवों की कुल 347 एकड़ जमीन अधिग्रहित किए जाने की तैयारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके परिवार का आधार है और उसी से उनकी आजीविका चलती है। किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि जमीन उनके लिए मां के समान है और वे किसी भी कीमत पर उसका सौदा नहीं करेंगे। ग्रामीण महिलाओं ने भी विरोध में आवाज बुलंद करते हुए कहा कि “जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे।”
कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार मुफ्त अनाज जैसी योजनाओं का हवाला देकर उनकी जमीन छीनना चाहती है, जिसे वे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।
गौरतलब है कि गंजारी गांव में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य चल रहा है, जो जल्द ही पूरा होने की संभावना है। पूर्व में इस परियोजना के लिए कई किसानों ने अपनी जमीन शासन को बेची भी है।
फिलहाल खेतों में लगे बैनर इलाके में चर्चा का विषय बने हुए हैं और किसान अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आ रहे हैं।



