मुगलसराय के प्राचीन मां काली मंदिर का होगा विस्थापन, ‘कला हरण’ पूजा के साथ शुरू हुई प्रक्रिया
धार्मिक विधि-विधान के बीच भक्तों ने मां काली से मांगी अनुमति, 17 मई से हटाया जाएगा मंदिर का शिखर

रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली जिले के मुगलसराय स्थित वीआईपी गेट के सामने स्थापित प्राचीन मां काली मंदिर को अब दूसरे स्थान पर स्थापित किया जाएगा। मंदिर विस्थापन की प्रक्रिया को धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराने के लिए मंदिर परिसर में विशेष “कला हरण” पूजा का आयोजन किया गया।
इस दौरान श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार, जप और हवन के साथ देवी मां की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। मंदिर परिसर में स्थापित सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का पूजन विद्वान आचार्यों, पंडितों और ब्राह्मणों द्वारा संपन्न कराया गया।
मंदिर समिति के अनुसार, “कला हरण पूजन पद्धति” वह विशेष धार्मिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से किसी मंदिर में प्रतिष्ठित देवी-देवताओं को सम्मानपूर्वक दूसरे स्थान पर स्थापित करने की अनुमति ली जाती है।
इस अवसर पर मां काली के भक्तों ने माता रानी से क्षमा याचना करते हुए मंदिर विस्थापन कार्य के लिए पूजा के माध्यम से अनुमति मांगी। समिति ने बताया कि रविवार 17 मई 2026 को सुबह 10 बजे से मंदिर के शिखर को सदस्यों द्वारा स्वयं हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से मंदिर संरचना को हटाकर नए स्थान पर स्थापित किया जाएगा।
कार्यक्रम में जायसवाल, रितेश सिंह, छोटू पंडित, सुमित सिंह, अजय चौहान, पप्पू साइकिल वाले, देव शिवदत्ता, राजकुमार पाहवा, राजेश जायसवाल, आलोक जायसवाल, चंद्रदीप जायसवाल, अशोक सिद्धार्थ, सुधांशु और सचिन गुप्ता सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



