वट सावित्री व्रत पर महिलाओं ने बरगद वृक्ष की पूजा कर मांगी पति की दीर्घायु
धानापुर सहित कई क्षेत्रों में सामूहिक रूप से श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया पर्व

रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली | धानापुर क्षेत्र में शनिवार को वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बरगद के वृक्ष की पूजा-अर्चना की। यह व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है।
इस अवसर पर धानापुर, सीतापोखारी, करी, निदिलपुर, बिरना, जमुरना सहित कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से वट वृक्ष की पूजा में भाग लिया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और आस्था का माहौल देखने को मिला।
मान्यता के अनुसार बरगद के वृक्ष को हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय माना जाता है और इसे देवताओं का वास स्थल कहा जाता है। व्रत के दौरान महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की प्रतिमा, धूप, दीप, घी, लाल कलावा, बांस का पंखा, सुहाग सामग्री, कच्चा सूत, भीगे चने, बरगद का फल और जल से भरे कलश का उपयोग किया।
पूजन के दौरान महिलाओं ने बरगद की जड़ में जल अर्पित किया, वृक्ष के तने में कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा की और वट सावित्री व्रत कथा का श्रवण किया। इसके साथ ही भीगे चनों का बायना निकालकर सास को देकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
पूरे क्षेत्र में व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।



