जुलूस-झांकी के साथ मनाई गई अंबेडकर जयंती, मनोज सिंह डब्लू ने संविधान पर रखी बात
जुलूस-झांकी में शामिल होकर किया माल्यार्पण, संविधान और सामाजिक न्याय पर दिया जोर

रिपोर्ट: अवधेश राय
चंदौली। संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को पूरे जनपद में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके द्वारा वंचित, शोषित व पिछड़े समाज के लिए किए गए संघर्षों को याद किया।
इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू भी विभिन्न आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने जुलूस एवं झांकी में ट्रैक्टर पर सवार होकर भाग लिया और बाबा साहेब के जयकारे लगाए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
अपने संबोधन में मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि शोषितों, वंचितों और पिछड़ों को उनका हक दिलाना ही बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि संविधान का निर्माण इस सोच के साथ किया गया था कि समाज में किसी को भी ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में सत्ता में बैठे लोग वंचित वर्ग के अधिकारों का हनन कर उन्हें हाशिए पर धकेलने का कार्य कर रहे हैं, जो संविधान की भावना के विपरीत है।
इस दौरान उन्होंने जनौली, सलेमपुर और रेवसा गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और बाबा साहेब के योगदान को याद किया। साथ ही सिलौटा गांव में अंबेडकर प्रतिमा के खंडित होने की घटना पर दुख व्यक्त किया और इसके विरोध में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
उन्होंने कहा कि दलितों के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेजों के माध्यम से उनके साथ हो रहे उत्पीड़न के मामलों को राज्यपाल के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
इस अवसर पर मैनेजर गोंड, द्वारिका खरवार, जगमेंद्र यादव, मुन्नी लाल पाल, लालमनी पाल, रामदयाल राम, अजय राम, बृजेश कुमार, सुदर्शन राम, सूबेदार, अजय यादव और संतोष उपाध्याय सहित कई लोग उपस्थित रहे।



