सन मरीनो अकादमी में आधुनिक शिक्षा पर सेमिनार, विशेषज्ञों ने दी नई दिशा
BHU के प्रोफेसरों ने तकनीक आधारित शिक्षा और समग्र विकास पर दिया जोर, विद्यार्थियों व अभिभावकों ने लिया हिस्सा

रिपोर्ट: गणपत राय
वाराणसी स्थित सन मरीनो अकादमी में आधुनिक शिक्षा के महत्व को लेकर एक विशेष शैक्षणिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. अरुण राज पांडेय (वरिष्ठ प्रोफेसर, चिकित्सा संस्थान, क्रिटिकल केयर, Banaras Hindu University) और डॉ. विजय सोनकर (प्रोफेसर, मानव आनुवंशिकी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। अपने संबोधन में दोनों विशेषज्ञों ने आधुनिक शिक्षा में तकनीक की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए ज्ञान को समझना और उसे व्यावहारिक रूप से लागू करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों को अपनाने, डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग करने और वैश्विक स्तर पर सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ संवाद भी हुआ, जिसमें शिक्षा, करियर और तकनीक से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
डॉ. अरुण राज पांडेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति बिना किसी को नुकसान पहुँचाए पूरी दुनिया जीत सकता है। उन्होंने संप्रेषण, अनुशासन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य जैसे मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर निदेशक यशवर्धन सिंह, भारतीय खाद्य निगम सदस्य विनय कुमार सिंह और संचालक अक्षांश ब्रह्मभट्ट की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की प्रधानाचार्य दीपिका के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
संगोष्ठी में शिक्षकगण—संजीव, आकांक्षा, अभय, पलक, काजल, शिवम, आलोक—के साथ ही धीरेंद्र सिंह, अधिवक्ता राजेश सिंह, धर्मेंद्र यादव, प्रमोद कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
यह संगोष्ठी ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उपयोगी साबित हुई।



