धान खरीद को लेकर सपा का हल्ला बोल, किसानों के साथ दफ्तर घेरने का ऐलान
पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू का प्रशासन पर आरोप — किसानों की धान नहीं खरीदी जा रही, सोमवार को डिप्टी आरएमओ कार्यालय पहुंचने की अपील

रिपोर्ट: अवधेश राय
चंदौली: जनपद में धान खरीद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने शनिवार को प्रेस वार्ता करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “धान के कटोरे” के रूप में पहचान रखने वाला चंदौली आज धान खरीद की बदहाल व्यवस्था से जूझ रहा है और किसान अपनी उपज बेचने के लिए भटक रहे हैं।
लक्ष्य घटाने और बिचौलियों को बढ़ावा देने का आरोप
पूर्व विधायक का आरोप है कि भाजपा सरकार ने जिले में धान खरीद का लक्ष्य कम कर दिया है। उनका कहना है कि किसानों से सीधे खरीद करने के बजाय बिचौलियों के जरिए लक्ष्य पूरा करने का खेल चल रहा है। इससे असली किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कतें आ रही हैं और उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने बताया कि कई किसान लगातार उनसे संपर्क कर रहे हैं और धान खरीद न होने की शिकायत कर रहे हैं। जबकि प्रशासनिक स्तर पर कागजों में व्यवस्था ठीक बताई जा रही है, लेकिन जमीनी हालात अलग हैं।
क्रय केंद्रों पर अनियमितता का दावा
मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि कई क्रय केंद्र समय से नहीं खुल रहे हैं। कुछ जगहों पर औपचारिक रूप से केंद्र बंद रखकर लक्ष्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। किसानों की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
उनका कहना था कि यदि प्रशासन ईमानदारी से धान खरीद सुनिश्चित करे तो किसानों को आंदोलन करने की जरूरत ही न पड़े।
किसानों से धान के साथ कार्यालय पहुंचने की अपील
पूर्व विधायक ने किसानों से सोमवार को अपनी धान की उपज के साथ डिप्टी आरएमओ कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वहां किसानों की धान का तौल कराकर भुगतान सुनिश्चित कराने की कोशिश की जाएगी।
इस घोषणा के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी संभावित भीड़ को लेकर तैयारियों की चर्चा शुरू हो गई है।
18वें मुकदमे की आशंका जताई
मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि जनहित के मुद्दे उठाने पर उनके खिलाफ अब तक 17 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि किसानों के मुद्दे को लेकर आवाज उठाने पर उनके खिलाफ 18वां मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाने की यह बहुत छोटी कीमत है और वह किसानों के हित के लिए हर संघर्ष करने को तैयार हैं।
सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों पर भी सवाल
पूर्व विधायक ने जिले के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। साथ ही सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा और कहा कि किसान परेशान हैं लेकिन जिम्मेदार लोग चुप हैं।
अब सबकी निगाहें सोमवार पर टिकी हैं, जब किसान अपनी धान के साथ डिप्टी आरएमओ कार्यालय पहुंचने वाले हैं। यदि बड़ी संख्या में किसान पहुंचे तो यह मामला और गरमा सकता है।



