वाराणसी में ‘अवैध बूचड़खाने’ के दावे की हकीकत आई सामने
पान दरीबा में मदरसे के नीचे निकली वर्षों पुरानी बकरा मंडी, जांच के बाद प्रशासन सख्त

वाराणसी के पान दरीबा गली में कथित अवैध बूचड़खाने के आरोपों के बाद मचे हंगामे के बीच ग्राउंड रिपोर्ट में मामला साफ होता नजर आया। जिस स्थान को अवैध बूचड़खाना बताया जा रहा था, वहां वर्षों से बकरा मंडी संचालित होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह निजी संपत्ति है, जहां पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से पशुपालक लंबे समय से आते रहे हैं।
कुछ कार्यकर्ताओं ने मदरसे के नीचे गौहत्या और अवैध कटान का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं मंडी से जुड़े लोगों ने कुछ कार्यकर्ताओं पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी का आरोप लगाया।
मौके पर पहुंचे DCP काशी जोन गौरव बंसवाल ने स्पष्ट कहा कि सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ADM सिटी आलोक वर्मा को मिले कुछ कटे जानवरों के फोटो की फॉरेंसिक और प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि मदरसा अल कुरैश के नीचे स्थित यह मंडी दशकों पुरानी है और कुरैशी परिवार की निजी संपत्ति है। मदरसे में पहले संचालित स्कूल को अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जा चुका है।
फिलहाल पुलिस अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने वालों पर पैनी नजर बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



