कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, एकौना गांव में जनचौपाल आयोजित
शहाबगंज क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को मनरेगा के लाभ और केंद्र सरकार की नीतियों से पड़ने वाले असर की दी जानकारी
रिपोर्ट: गणपत राय
शहाबगंज (चंदौली)। क्षेत्र के एकौना गांव में शनिवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान के तहत जनचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण मजदूरों को मनरेगा योजना की पृष्ठभूमि, इसके सामाजिक-आर्थिक लाभ और वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों से होने वाले संभावित प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जनचौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
जनचौपाल को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व वाली मनमोहन सिंह सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) लागू कर ग्रामीण गरीबों को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी। इससे करोड़ों परिवारों को आर्थिक संबल मिला और ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर प्रभावी रोक लगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है और नए कानूनों के जरिए इसे समाप्त करने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस नेता बदरू दूजा अंसारी ने कहा कि यदि रोजगार की गारंटी खत्म होती है तो इसका सीधा असर ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीब वर्ग पर पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और गरीबी बढ़ेगी।
कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष शमशाद अंसारी, डॉ. सी.सी. राम, मूरत गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, प्रताप पांडेय, श्रीकांत पाठक, कमलेश प्रसाद, दिलीप दुबे सहित अनेक ग्रामीण व कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



