80 प्रार्थना पत्रों में सिर्फ 6 का मौके पर निपटारा, बाकी पर कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनसुनवाई, अवैध कब्जा, जमीन विवाद और स्कूल भवन जैसे मुद्दे उठे

चकिया तहसील सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 80 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 6 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय किसान संयुक्त मजदूर संघ के तहसील महामंत्री धीरज श्रीवास्तव ने गरला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय गरला प्रथम के ध्वस्त भवन के पुनर्निर्माण की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि भवन के अभाव में वनवासी समुदाय के बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
मोहम्मदाबाद गांव की मीरा देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि उनकी आराजी संख्या 3 की जमीन की गलत पैमाइश कर उसे वनभूमि में दर्ज कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी चकिया को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में सिकंदरपुर गांव की दिव्यांग रेखा गुप्ता ने चकबंदी के बाद भी जमीन पर कब्जा न मिलने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर जांच के निर्देश दिए गए।
शहाबगंज क्षेत्र के गोविंदपुर गांव के ग्रामीणों ने स्कूल व सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। वहीं केरायगांव की ग्राम प्रधान पूनम देवी ने तालाब की भूमि पर कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा प्रजापति बस्ती के 35 परिवारों में अब तक विद्युतीकरण न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
समाधान दिवस के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आईजीआरएस से संबंधित सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वाईके राय, उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा, क्षेत्राधिकारी रघुराज, तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।



