स्काउट-गाइड प्रशिक्षुओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन, सकलडीहा पीजी कॉलेज में भव्य आयोजन
डॉ. कृष्णकांत शुक्ला बोले—लोक संस्कृति को सहेजना समय की मांग, छात्रों ने लोकगीत-नृत्य से बिखेरी छटा

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चंदौली जनपद के सकलडीहा पी.जी. कॉलेज में गुरुवार को बी.एड. चतुर्थ सेमेस्टर के स्काउट-गाइड प्रशिक्षुओं द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और भारतीय लोक संस्कृति की समृद्ध झलक पेश की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रख्यात संगीतकार एवं पर्यावरणविद् डॉ. कृष्णकांत शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है, जिसे सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और इसे वैश्विक स्तर तक ले जाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने स्काउट-गाइड प्रशिक्षुओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल शैक्षणिक विकास तक सीमित नहीं होता, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही आवश्यक है।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, जिसके बाद प्रशिक्षुओं ने लोकगीत और लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।
इससे पूर्व डॉ. अजय कुमार सिंह यादव ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन स्काउट गाइड प्रशिक्षक महेंद्र कुमार ने किया। अंत में डॉ. इंद्रजीत सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. इंद्रदेव सिंह, प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. दयाशंकर सिंह यादव, प्रो. विजेंद्र सिंह, डॉ. श्याम लाल यादव, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. रजनीश गुप्ता, डॉ. मीनू श्रीवास्तव, डॉ. अमन मिश्रा, डॉ. वंदना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



