वाराणसी में पेंशनर्स की मासिक बैठक, चिकित्सा प्रतिपूर्ति की नई ऑनलाइन व्यवस्था वापस लेने की मांग
नई व्यवस्था को बताया जटिल, पुरानी प्रणाली बहाल करने और पेंशन संबंधी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय की उठाई आवाज

रिपोर्ट: गणपत राय
वाराणसी, 09 अगस्त 2026। उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था, शाखा वाराणसी की मासिक बैठक शनिवार को पेंशनर्स कक्ष, कोषागार परिसर (कचहरी) में जिलाध्यक्ष इं. एस.डी. मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में संस्था के प्रांतीय संरक्षक इं. शमसुल आरेफिन और जनपदीय संरक्षक इं. आर.पी. मिश्र भी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत नए सदस्यों के परिचय से हुई। इसके बाद अगस्त माह में जन्मे पेंशनरों का जन्मदिन मिष्ठान वितरण कर उत्साहपूर्वक मनाया गया। जिलामंत्री ने पिछली बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाई, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में वक्ताओं ने नवनिर्मित पेंशनर्स कक्ष में पहली बैठक होने पर खुशी व्यक्त की और कक्ष निर्माण में जिलाध्यक्ष इं. एस.डी. मिश्र के प्रयासों तथा मुख्य कोषाधिकारी के सहयोग के लिए आभार जताया।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति की नई व्यवस्था पर आपत्ति
वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) के आवेदन अब तक ऑफलाइन स्वीकार किए जाते थे, लेकिन 24 जुलाई 2026 से पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में यह प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। पेंशनरों ने इसे जटिल बताते हुए कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होगी। साथ ही नौ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन से तकनीकी परीक्षण में अनावश्यक विलंब की आशंका जताई गई। बैठक में मांग की गई कि नई ऑनलाइन व्यवस्था तत्काल निरस्त कर पुरानी ऑफलाइन प्रणाली बहाल की जाए।
पेंशनरों की प्रमुख मांगें
बैठक में निम्न मांगें दोहराई गईं:
- वैलिडेशन एक्ट 2025 को निरस्त किया जाए।
- 01 जनवरी 2026 से पूर्व पुरानी पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण आठवें वेतन आयोग में शामिल किया जाए।
- राशिकरण बहाली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष की जाए।
- 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5%, 10% और 15% अतिरिक्त पेंशन वृद्धि दी जाए।
- वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में मिलने वाली छूट पुनः शुरू की जाए।
- कोरोना काल में रोकी गई महंगाई राहत की तीन किश्तों का एरियर भुगतान किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।
बैठक को इं. शमसुल आरेफिन, इं. आर.पी. मिश्र, इं. डी.एल. श्रीवास्तव, डॉ. परमहंस मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, इं. एस.एन. मणि, नागेंद्र सिंह, हरिशंकर यादव, प्रभाकर दुबे, वी.एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, राकेश मोहन पाण्डेय सहित अनेक सदस्यों ने संबोधित किया।
संस्था ने चेतावनी दी कि यदि पेंशनरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आगे व्यापक स्तर पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।



