अमडा-कमालपुर-सकलडीहा मार्ग पर दौड़ रहे बालू लदे ट्रक, हादसे का बढ़ा खतरा
ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की जान जोखिम में, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चन्दौली जिले के कमालपुर क्षेत्र में अमडा-कमालपुर-सकलडीहा मार्ग पर एक बार फिर बालू लदे भारी ट्रकों का तांडव देखने को मिल रहा है। अल सुबह से लेकर देर रात तक बेखौफ दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक स्थानीय लोगों और खासकर स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। सड़क पर लगातार बढ़ते भारी वाहनों के दबाव के चलते किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, जब इस मार्ग पर इस तरह का खतरा मंडरा रहा है। कई साल पहले भी इसी सड़क पर ट्रकों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। उस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने कमालपुर कस्बे में चक्का जाम और धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया था। इसके बाद कुछ समय तक ट्रकों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी, लेकिन अब फिर से स्थिति पहले जैसी हो गई है।
सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि इन ट्रकों की आवाजाही ठीक उसी समय हो रही है, जब हजारों की संख्या में बच्चे स्कूल के लिए निकलते हैं। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक क्षेत्र के कई गांवों से छात्र-छात्राएं पैदल और साइकिल के जरिए कमालपुर स्थित स्कूल-कॉलेज पहुंचते हैं। ऐसे में संकरी सड़क और भारी ट्रकों के बीच बच्चों का सुरक्षित आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
कमालपुर कस्बे में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाई स्कूल, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज के साथ-साथ सेंट जोसफ और हरिद्वार राय इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान स्थित हैं। अनुमान के अनुसार, रोजाना करीब 10 हजार छात्र-छात्राएं इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस मार्ग पर भारी ट्रकों के संचालन पर रोक लगाई जाए और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।



