उत्तर प्रदेशचंदौली

चंदौली ROB हादसा: 16 करोड़ का पुल गिरा, सिस्टम और कानून पर उठे सवाल

2500 का जुर्माना और 3 महीने की जेल – क्या इतनी बड़ी लापरवाही की कीमत बस इतनी है?

रिपोर्ट: लारेंस सिंह

चंदौली। मुगलसराय-हावड़ा-गया रेल मार्ग पर बनौली खुर्द गांव के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज (ROB) का स्लैब गिरना अब सिर्फ हादसा नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की सियासत और सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया है। 16 करोड़ की लागत से बन रहे इस पुल के धराशायी होने के बाद प्रशासन ने ठेकेदार पर कार्रवाई की, लेकिन लागू कानून ने जनता को हैरान कर दिया।

बीती 18 मार्च की रात जब पिलरों के बीच स्लैब की ढलाई का काम चल रहा था, तभी पूरा ढांचा अचानक ढह गया। किसी भी जनहानि के न होने की वजह से बड़ी त्रासदी टली, लेकिन यह घटना तीन साल से धीमी गति से चल रहे निर्माण की पोल खोल गई।

सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार ने आरोपी ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया है। इस धारा में दोषी को केवल 3 महीने की जेल या 2500 का जुर्माना हो सकता है। जनता अब सवाल उठा रही है कि क्या 16 करोड़ की सरकारी संपत्ति और लोगों की जान का जोखिम सिर्फ 2500 में आंका जा सकता है?

घटना के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह पूरी परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है और IIT की विशेष टीम से जांच की मांग की। पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ ने ठेकेदारों के सामने सरकार की नरमी पर सवाल उठाए। विधायक प्रभुनारायण सिंह ने सीधे तौर पर कमीशनखोरी को निर्माण की खराब गुणवत्ता का जिम्मेदार ठहराया।

यह हादसा अब सिर्फ निर्माण स्थल की कहानी नहीं, बल्कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, कानून और सिस्टम की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता दिख रहा है।

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