क्राइमराजस्थान

चलती कार में रातभर क्या हुआ? डैशकैम की रिकॉर्डिंग ने खोले राज

पार्टी के बाद घर छोड़ने का भरोसा, रास्ते में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

Udaipur Gangrape Case Update: राजस्थान के उदयपुर में IT कंपनी की महिला मैनेजर के साथ चलती कार में कथित गैंगरेप का मामला पुलिस जांच में तेजी से निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। इस सनसनीखेज प्रकरण में पुलिस ने कंपनी के CEO जयेश प्रकाश सिसोदिया, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति गौरव को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों से लगातार पूछताछ जारी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में कार में लगे डैशकैम की रिकॉर्डिंग अहम सबूत बनकर सामने आई है। रिकॉर्डिंग में उस रात की बातचीत और गतिविधियों की पुष्टि हुई है, जिसके आधार पर आरोपियों की भूमिका तय की गई। तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए पुलिस घटनाक्रम की पूरी कड़ी खंगाल रही है।

जानकारी के मुताबिक, घटना 20 दिसंबर की रात की है। शोभागपुरा स्थित एक होटल में कंपनी की ओर से CEO के जन्मदिन और न्यू ईयर को लेकर पार्टी आयोजित की गई थी। पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची थी। देर रात तक शराब और डांस का दौर चलता रहा। रात करीब 1:30 बजे पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसने घर जाने की इच्छा जताई।

आरोप है कि कंपनी की महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने भरोसा दिलाया कि वह उसे सुरक्षित घर पहुंचा देगी। इसके बाद पीड़िता को उसी की कार में बैठाया गया, जहां पहले से महिला एग्जीक्यूटिव हेड का पति गौरव और कंपनी का CEO मौजूद थे। रास्ते में एक दुकान पर कार रोकी गई, जहां से स्मोकिंग से जुड़ी सामग्री खरीदी गई। इसके बाद पीड़िता को नशे की हालत में लाने का आरोप है, जिससे वह सामान्य स्थिति में नहीं रही।

पीड़िता का कहना है कि उसे पूरी घटना स्पष्ट रूप से याद नहीं है, लेकिन बीच-बीच में होश आने पर उसने अपने साथ जबरदस्ती महसूस की और विरोध भी किया। आरोप है कि यह सिलसिला देर रात से सुबह करीब 5 बजे तक चला, जिसके बाद उसे घर के पास छोड़ दिया गया।

होश में आने पर पीड़िता ने शरीर पर चोटों के निशान, तेज दर्द और निजी अंगों पर गंभीर चोटें पाईं। उसके कान की बाली, मोजे और अंतर्वस्त्र भी गायब मिले। बाद में उसे याद आया कि कार में डैशकैम लगा है। रिकॉर्डिंग देखने पर संदिग्ध आवाजें और बातचीत सामने आईं, जिसके आधार पर 23 दिसंबर को सुखेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने जांच एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी है। मेडिकल जांच में चोटों की पुष्टि हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पीड़िता को नशे में लाने के लिए किसी विशेष पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। फिलहाल तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

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