चंदौली में गेहूं खरीद का डीएम का औचक निरीक्षण, किसानों को दी बड़ी राहत
फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म, MSP 2585 रुपये प्रति कुंतल; पारदर्शिता पर सख्त निर्देश

रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली में गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने नवीन मंडी स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी क्रय केंद्रों का जायजा लेते हुए व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने केंद्रों पर कांटा, बोरी, नमी मापक यंत्र समेत अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता देखी और संतोष जताया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसानों को बेवजह परेशान किया गया या बार-बार दौड़ाया गया तो संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अभिलेखों, निरीक्षण पंजिका और शिकायत रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसानों के रजिस्ट्रेशन के अनुसार क्रमवार तौल कराई जाए और गेहूं खरीद ई-पॉस मशीन के माध्यम से ही सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो।
किसानों के लिए राहत की बात यह है कि अब गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता हटा दी गई है। इससे अधिक से अधिक किसान सीधे सरकारी केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। डीएम ने बताया कि गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है और केंद्र प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित हो रहे हैं। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा, जिला खाद्य विपणन अधिकारी को जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बोरे की उपलब्धता, भुगतान और तकनीकी समस्याओं की निगरानी कर समय पर समाधान किया जा सके। प्रत्येक क्रय केंद्र पर बैनर लगाकर जरूरी जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान किसानों के लिए पेयजल और बैठने की छायादार व्यवस्था भी सुनिश्चित पाई गई। इस मौके पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, मंडी सचिव और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।



