राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष हमलावर, मीसा भारती बोलीं- असल में क्या हुआ और कैसे हुआ, देश जानना चाहता है
संसद परिसर में गूंजा राम मंदिर दान अनियमितता का मुद्दा; सपा, राजद और कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई

नई दिल्ली/अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा अनियमितता मामले को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संसद परिसर में भी इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी भगवान श्रीराम के प्रति पूर्ण सम्मान और आस्था रखती है। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का न तो प्रयास किया गया और न ही ऐसा कोई इरादा है। साथ ही उन्होंने सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में साधु वेश में किए गए विरोध प्रदर्शन पर सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि वह ट्रस्ट सदस्य की वेशभूषा में पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर कथित तौर पर चढ़ावे की अनियमितता के आरोप लगे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
राजद सांसद मीसा भारती ने कहा कि देश जानना चाहता है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में वास्तव में क्या हुआ और यह कैसे हुआ। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राजद सांसद संजय यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और दान राशि को लेकर उठे सवाल गंभीर हैं। उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस के मुद्दे पर कहा कि संसद और संविधान की गरिमा बनाए रखी जानी चाहिए तथा विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रवीण चक्रवर्ती ने पैलेट गन के कथित इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इसका प्रयोग हुआ है तो इसकी अनुमति किसने दी, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार से स्पष्टीकरण मांग रहा है।


