संसद में भगवा पहनकर प्रदर्शन पर संतों का गुस्सा, महंत राजू दास बोले- आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं
राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद अयोध्या, मथुरा और कई जिलों में संत-महंतों ने जताया विरोध, कड़ी कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली/अयोध्या। संसद परिसर में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनने को लेकर संत समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अयोध्या, मथुरा और अन्य स्थानों के संत-महंतों ने इसे सनातन आस्था का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है।
अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि संसद में जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को इस तरह धार्मिक प्रतीकों का उपयोग करना चाहिए। उनके अनुसार भगवा वस्त्र केवल कपड़ा नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, त्याग और आस्था का प्रतीक है।
गाजियाबाद के आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि लाखों साधु-संतों के प्रतीक भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि देश इस प्रकार की घटना को स्वीकार नहीं करेगा।
भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भगवा का अपमान हुआ है और इस कारण सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
मथुरा में गोवर्धन स्थित जुल्हेदी आश्रम पर साधु-संतों ने प्रदर्शन किया और पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी की। चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने उनकी संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की, जबकि श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने भी सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
संत समाज का कहना है कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान में धार्मिक प्रतीकों का उपयोग अत्यंत संवेदनशील विषय है और ऐसे मामलों में सभी जनप्रतिनिधियों को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।


