नवदिवसीय श्रीराम कथा में गूंजे भक्ति के स्वर, शालिनी त्रिपाठी ने सुनाया भावपूर्ण प्रवचन
इलिया के खरौझा में संगीतमय रामकथा के तृतीय दिवस पर श्रद्धालु हुए भाव-विभोर, महादेव के स्वरूप पर किया प्रकाश

रिपोर्ट: गणपत राय
इलिया क्षेत्र के खरौझा में हनुमान सेवा समिति खरौझा के तत्वावधान में आयोजित नवदिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तृतीय निशा पर कथा व्यास शालिनी त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी प्रवचन से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि महादेव निर्माण और निर्वाण दोनों के अधिष्ठाता हैं—वे सृष्टि की रचना भी करते हैं और अंत में मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव द्वारा कही गई रामकथा को उन्होंने अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए बताया कि रामकथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि आचरण का मार्ग है। उन्होंने कहा कि जब जीवन में भगवान राम के आदर्श उतरते हैं, तभी सच्चे अर्थों में “गंगा” प्रवाहित होती है।
इस दौरान नारद मोह प्रसंग का विस्तृत वर्णन करते हुए उन्होंने अहंकार के प्रभाव और उसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अहंकार किस प्रकार महान से महान साधक को भी भ्रमित कर सकता है, लेकिन प्रभु कृपा से ही उसका निवारण संभव है। इस प्रसंग ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में राजन सिंह, अस्पताली सिंह, त्रिवेणी दुबे, शशिकांत पांडे, जय नारायण पांडे, मुन्ना, रोली सिंह, ममता सिंह, अनुपम सिंह, गीता, रीना सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



