उत्तर प्रदेशचंदौली

ChatGPT की मदद से बना फर्जी ‘RAW एजेंट’, चंदौली पुलिस ने किया गिरफ्तार

खुद को असिस्टेंट कमांडेंट बताकर जमाता था रौब, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद

रिपोर्ट: लारेंस सिंह

चंदौली। जनपद पुलिस ने एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर खुद को देश की खुफिया एजेंसी ‘RAW’ का एजेंट और अर्धसैनिक बल में असिस्टेंट कमांडेंट बताकर लोगों को गुमराह करता था। आरोपी के पास से पुलिस ने फर्जी पहचान पत्र, कूट रचित दस्तावेज और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सदर कोतवाल विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उसके पास से निमंत्रण पत्र, दो संदिग्ध छायाप्रतियां और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन मिला।

पूछताछ में आरोपी की पहचान रूपेश उपाध्याय, निवासी हेतमपुर थाना धानापुर के रूप में हुई। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वह अपने मोबाइल में ChatGPT जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल की मदद से फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करता था, जो देखने में बिल्कुल असली लगते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वह खुद को कभी RAW एजेंट तो कभी असिस्टेंट कमांडेंट बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता और निजी लाभ उठाने की कोशिश करता था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली चंदौली में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के पद या पहचान पर बिना सत्यापन विश्वास न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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