वाराणसी: नववर्ष के आगमन से पहले ही काशी पूरी तरह हाउसफुल हो चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य आकर्षण और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन की तीव्र ललक के चलते श्रद्धालुओं की संख्या शनिवार को चरम पर पहुंच गई। दोपहर तक करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई, जबकि शाम होते-होते यह आंकड़ा तीन लाख तक पहुंच गया। भारी भीड़ के कारण विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में महाशिवरात्रि जैसा दृश्य देखने को मिला।
कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भक्त नंगे पांव लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन करते रहे। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास की संकरी गलियों तक में पैर रखने की जगह नहीं बची। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को विशेष इंतजाम करने पड़े।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विशिष्ट तीर्थ क्षेत्र के एसडीएम शंभू शरण के अनुसार, बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धाम में महाकुंभ और सावन पर्व जैसी सख्त बैरिकेडिंग की गई है। श्रद्धालु निर्धारित मार्गों से होकर ही दर्शन-पूजन कर रहे हैं और उन्हें झांकी दर्शन की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, प्रमुख घाटों पर भीड़ नियंत्रण और गंगा में नौकाओं के संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। विश्वनाथ धाम जाने वाले मार्गों पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।
दूसरी ओर, नए साल के पहले पखवाड़े तक काशी के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, मठ और आश्रम पूरी तरह बुक हो चुके हैं। सबसे अधिक श्रद्धालु दक्षिण भारत से पहुंच रहे हैं। हनुमान घाट से मानसरोवर घाट के बीच स्थित दक्षिण भारतीय मठों और आश्रमों में कमरों की बुकिंग 10 जनवरी तक फुल है। गंगा घाटों का नजारा देखने के लिए क्रूज के टिकट जनवरी के पहले सप्ताह तक बिक चुके हैं, वहीं शाम की गंगा आरती देखने के लिए अधिकांश नौकाएं पहले से बुक हैं।
नए साल से पहले काशी में उमड़ी यह अपार भीड़ साफ संकेत दे रही है कि नववर्ष 2026 का स्वागत आध्यात्मिक उल्लास और आस्था के महासागर के साथ होने जा रहा है।



