नववर्ष 2026 पर बीएचयू सख्त: सार्वजनिक स्थलों पर जश्न पर पूरी तरह प्रतिबंध, गाइडलाइन जारी
31 दिसंबर से 1 जनवरी तक छात्र समूहों में नहीं मना सकेंगे उत्सव, हॉस्टल में सीमित कार्यक्रम की अनुमति
वाराणसी: नववर्ष 2026 के आगमन को लेकर जहां आमजन में उत्साह है, वहीं सुरक्षा और अनुशासन के मद्देनज़र जिला प्रशासन के साथ-साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में बीएचयू प्रशासन ने नववर्ष सेलिब्रेशन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर छात्रों के जश्न मनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
बीएचयू प्रशासन द्वारा शनिवार को जारी गाइडलाइन के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 की रात से 1 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर छात्र समूहों में एकत्र होकर उत्सव नहीं मना सकेंगे। प्रतिबंधित स्थलों में सिंह द्वार, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर, मधुबन, लिम्बडी कॉर्नर सहित परिसर की सभी सड़कें शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र अपने-अपने हॉस्टल के भीतर ही नववर्ष का जश्न मना सकेंगे। हालांकि, यदि हॉस्टल परिसर में रात 10 बजे के बाद कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना है, तो उसके लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने, शोर-शराबा करने या लाउडस्पीकर के उपयोग पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बीएचयू के सभी प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। साथ ही, विशेष टीमें पूरी रात परिसर में गश्त करेंगी। हुड़दंग, अनुशासनहीनता या नशे की हालत में पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।



