15 करोड़ के प्रतिबंधित कफ सिरप रैकेट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, चंदौली का कृष्ण यादव निकला मुख्य सरगना
25 हजार का इनामी आरोपी मिर्जापुर से दबोचा गया, फर्जी फर्म के जरिए लाखों बोतल नशीले कफ सिरप की सप्लाई का खुलासा
मिर्जापुर / चंदौली: मिर्जापुर पुलिस ने प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध सप्लाई से जुड़े एक बड़े और बहुचर्चित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 15 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले रैकेट के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त कृष्ण कुमार यादव चंदौली जनपद का निवासी है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह बड़ी कार्रवाई थाना जमालपुर पुलिस द्वारा शुक्रवार को की गई।
पुलिस के अनुसार, थाना जमालपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 210/25 के तहत वांछित अभियुक्त कृष्ण कुमार यादव को जीवानाथ पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की उम्र लगभग 28 वर्ष बताई गई है और वह जंसो की मड़ई, थाना अलीनगर, जनपद चंदौली का रहने वाला है।
विवेचना में सामने आया है कि अभियुक्त ने ‘मेसर्स सिटी मेडिसेल्स’ नामक फर्म के जरिए अप्रैल से जून 2025 के बीच दिल्ली की विभिन्न दवा कंपनियों से कुल 4,50,850 बोतल (100 एमएल) Eskuf कफ सिरप की आपूर्ति प्राप्त की थी। जांच में पाया गया कि इस कफ सिरप में कोडीन फॉस्फेट और ट्राइप्रोलिडीन हाइड्रोक्लोराइड जैसे नशीले तत्व मौजूद हैं, जो शेड्यूल-H1 श्रेणी की प्रतिबंधित और आदत डालने वाली दवाओं में शामिल हैं।
जांच के दौरान यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अभियुक्त द्वारा दर्शाई गई फर्म मौके पर संचालित ही नहीं थी। वहां न तो कोई मेडिकल स्टोर मिला और न ही दवा कारोबार से जुड़े कोई वैध दस्तावेज पाए गए। वहीं, अभियुक्त के बैंक खातों की जांच में करीब 15 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध कफ सिरप सप्लाई की पुष्टि हुई है।
पुलिस ने कफ सिरप की सप्लाई से जुड़े बिल, परिवहन में प्रयुक्त वाहनों और ट्रेसबिलिटी से संबंधित दस्तावेज जांच के लिए जीएसटी विभाग वाराणसी और नई दिल्ली को भेज दिए हैं। मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों, सप्लाई चेन और संभावित अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कार्रवाई तेज की जाएगी।



