13 किमी माइनर की सफाई सिर्फ फाइलों में, खेत आज भी पानी को तरसे
महेशी से बभनियाव तक 13 किमी लंबी माइनर की अधूरी सफाई से किसान परेशान, सिंचाई विभाग पर लापरवाही के आरोप
रिपोर्ट: अवधेश राय
चंदौली। कमालपुर- भूपौली लिफ्ट कैनाल से निकली नहर के अंतर्गत महेशी गांव से बभनियाव गांव तक जाने वाली लगभग 13 किलोमीटर लंबी माइनर की सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग द्वारा माइनर की सफाई केवल कागजों में ही पूरी दिखा दी गई है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है।
ग्रामीणों के अनुसार माइनर की वास्तविक और समुचित सफाई नहीं कराई गई। विरोध के बावजूद विभागीय मशीनें केवल औपचारिकता निभाकर लौट गईं। ग्रामीण संजय सिंह, राजेश सिंह, अरविंद सिंह और रामबली सिंह ने बताया कि करीब एक माह पूर्व सफाई के नाम पर जेसीबी मशीन से केवल थोड़ी-सी मिट्टी निकालकर देवकली और पसाई गांव जाने वाली आरसीसी सड़क के किनारे डाल दी गई। लगभग 100 से 150 मीटर तक ही ऐसा दिखाया गया मानो माइनर की सफाई कर दी गई हो, इसके बाद कार्य को अधूरा छोड़ दिया गया।
वर्तमान में माइनर का अधिकांश हिस्सा जस का तस पड़ा हुआ है, जिससे किसानों को सिंचाई का कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर खेतों को पानी की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अधूरी सफाई के कारण माइनर से पानी का प्रवाह बाधित है। आरोप यह भी है कि सिंचाई विभाग ने कागजों में सफाई कार्य पूर्ण दर्शाकर सरकारी धन का भुगतान करा लिया।
इस मामले में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता महताब आलम ने बताया कि ग्रामीणों से शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



