हथेड़ा गांव में जंगली सूअरों का आतंक, रातभर रतजगा करने को मजबूर ग्रामीण
चकिया क्षेत्र में बढ़ा खतरा, खेतों और तालाब की जमीन को पहुंचा रहे भारी नुकसान, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली। विकास खंड चकिया अंतर्गत ग्रामसभा नसरथा के राजस्व गांव हथेड़ा में इन दिनों जंगली सूअरों का आतंक ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। रात होते ही झुंड के झुंड में जंगली सूअर गांव की ओर पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जंगली सूअर खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं, गांव के तालाब की भूमि को भी खोद डाला है और कई बार रिहायशी इलाके में घुसने की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता और रात्रि जागरण के चलते अब तक जंगली सूअर आबादी क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सके हैं।
गांव निवासी अभिषेक दुबे ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने काशी वन रेंज के डीएफओ से फोन पर वार्ता की है। डीएफओ द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही चकिया रेंज की वन विभाग की टीम गांव पहुंचकर जंगली सूअरों को पकड़ने की कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व पड़ोसी गांव जलखोर में जंगली सूअरों के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।



