उत्तर प्रदेशचंदौली

संत सानिध्य में पिघली सियासी बर्फ, धूर विरोधी सुशील–मनोज एक मंच पर साथ

धानापुर के नगवां में रामकथा के दौरान संत समागम में दिखी राजनीति से ऊपर की तस्वीर, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही चर्चा

चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र स्थित नगवां गांव में रविवार को राजनीति के गलियारों में एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। वर्षों से एक-दूसरे के कट्टर राजनीतिक विरोधी माने जाने वाले सैयदराजा विधायक सुशील सिंह और पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ संत सानिध्य में न केवल एक मंच पर दिखाई दिए, बल्कि घंटों साथ बैठकर कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

मौका था नगवां गांव में चल रही रामकथा का, जहां महामंडलेश्वर भवानीनंदनयति जी महाराज का आगमन हुआ। संत के आशीर्वाद के लिए सैयदराजा विधायक सुशील सिंह अपने करीबी सहयोगी व धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ‘खलनायक’ के साथ पहुंचे थे। इसी दौरान पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए।

राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इतनी तीखी रही है कि आमतौर पर दोनों नेता एक-दूसरे से दूरी बनाए रखते हैं। यहां तक कि संयोगवश किसी कार्यक्रम में पहुंच जाने पर भी एक-दूसरे के आमने-सामने बैठने से बचते रहे हैं। लेकिन इस बार संत समागम में तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आई।

महामंडलेश्वर भवानीनंदनयति जी महाराज के सानिध्य का असर रहा कि दोनों धूर विरोधी न केवल एक मंच पर बैठे, बल्कि पास-पास बैठकर घंटों तक रामकथा श्रवण किया। मंच पर बैठने की व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी—पहले सुशील सिंह, फिर मनोज सिंह ‘डब्लू’ और उसके बाद अजय सिंह बैठे, जबकि अजय सिंह ने स्वयं थोड़ी दूरी बनाकर स्थान लिया।

यही नहीं, महामंडलेश्वर भवानीनंदनयति जी महाराज ने अपने वाहन में भी दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर गंगा पार कराया। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीति में संत संगति की भूमिका को एक बार फिर उजागर कर दिया।

दोनों नेताओं ने इस ऐतिहासिक पल को अपने-अपने फेसबुक पेज पर साझा किया। तस्वीरें सामने आते ही लाइक और कमेंट की बाढ़ आ गई, जहां लोग इसे राजनीति से ऊपर उठकर सौहार्द की मिसाल बता रहे हैं। नगवां में यह समागम रामकथा से भी ज्यादा चर्चा का विषय बन गया।

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