उत्तर प्रदेशचंदौली

लाखों की लागत से बना अमृत सरोवर उपेक्षा का शिकार, जलकुंभी और गंदगी से पटा

धानापुर के आवाजापुर गांव में शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर की बदहाली, किसान नेता ने लगाए धन बंदरबांट के आरोप

रिपोर्ट: गणपत राय

धानापुर। विकास खंड के आवाजापुर गांव में लाखों रुपये की लागत से निर्मित शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर उपेक्षा का शिकार हो गया है। कभी जल संरक्षण और सामुदायिक उपयोग के उद्देश्य से बनाए गए इस सरोवर की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। सरोवर जलकुंभी, झाड़ियों और गंदगी से पूरी तरह भर चुका है, जिससे इसकी उपयोगिता और सौंदर्य दोनों ही समाप्त हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था और इसके बाद रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन पूरा तालाब जलकुंभी और खरपतवार से अट गया है। करोड़ों रुपये के बजट से संचालित अमृत सरोवर योजना के तहत बनाए गए ऐसे प्रोजेक्ट्स की उपेक्षा से सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है और योजना का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

किसान नेता मिथिलेश कुमार सिंह उर्फ टनमन ने आरोप लगाया कि आवाजापुर स्थित अमृत सरोवर के निर्माण में बड़े पैमाने पर सरकारी धन की बंदरबांट हुई है। उन्होंने कहा कि तालाब के दक्षिण और उत्तर हिस्से में जीर्णोद्धार का कार्य कराया ही नहीं गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

इस मामले में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) धानापुर अमित कुमार ने बताया कि अमृत सरोवरों की साफ-सफाई को लेकर विभाग गंभीर है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आवाजापुर स्थित शहीद कैप्टन विजय प्रताप सिंह अमृत सरोवर में यदि गंदगी पाई जाती है तो उसकी तत्काल साफ-सफाई कराई जाए।

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