माघ मास स्नान पर वाराणसी के गंगा घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
तड़के सुबह से लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी, “हर-हर गंगे” के जयघोष से भक्तिमय हुआ माहौल
वाराणसी। माघ मास के पावन स्नान को लेकर मंगलवार को काशी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
गंगा घाट के पुरोहित अजय तिवारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि माघ मास का यह विशेष स्नान 14 जनवरी के पर्व के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन काशीवासी ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आए श्रद्धालु भी गंगा स्नान कर अपने जीवन की नई शुरुआत करते हैं और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी दिन से पतंगबाजी की परंपरा भी शुरू होती है।
अजय तिवारी ने बताया कि इस वर्ष एकादशी का संयोग होने के कारण स्नान पर्व का महत्व कुछ कम माना गया है, अन्यथा यह दिन मकर संक्रांति के रूप में बड़े उत्सव के तौर पर मनाया जाता। मकर संक्रांति पर काशी की महिलाएं गंगा स्नान के बाद ब्राह्मणों को श्रद्धा से बनाए गए खाद्य पदार्थों का दान करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, यश और कीर्ति की कामना करती हैं। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से यश, वैभव और पुण्य की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, वहीं ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



