भारत–यूएई संसदीय मैत्री समूह में चंदौली–वाराणसी के प्रतिनिधि को मिली सदस्यता
भारतीय संसद की पहल पर गठित समूह में नामांकन, क्षेत्र में हर्ष का माहौल
रिपोर्ट: अवधेश राय
भारत सरकार के नेतृत्व तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल पर भारतीय संसद द्वारा 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया गया है। इसी क्रम में भारत–संयुक्त अरब अमीरात संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया, जिसे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस कड़ी में अखिलेश यादव की संस्तुति पर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा चंदौली–वाराणसी क्षेत्र के प्रतिनिधि को भारत–यूएई संसदीय मैत्री समूह का सदस्य नामित किया गया। यह नामांकन क्षेत्र के लिए गौरव और सम्मान का विषय बन गया है।
संसदीय मैत्री समूहों का उद्देश्य विभिन्न देशों के सांसदों के बीच संवाद को मजबूत करना, संसदीय अनुभवों का आदान-प्रदान करना तथा व्यापार, तकनीक, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। इससे भारत की लोकतांत्रिक छवि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी तथा भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंधों को मजबूती मिलेगी।
नामित सदस्य ने इस दायित्व के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह देशहित और क्षेत्र के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं देते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह जिम्मेदारी क्षेत्रीय विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देगी।



