पूर्व वीसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी, पहलगाम आतंकी घटना से जोड़कर साइबर फ्रॉड की कोशिश
खुद को ATS अधिकारी बताकर पैन कार्ड और बैंक डिटेल मांगी, पत्नी ने राज्यमंत्री को फोन किया तो खुला फर्जीवाड़ा
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के डीन ऑफ फैकल्टी और अवध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. गुलाबचंद्र राम जायसवाल के साथ साइबर ठगी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को एटीएस का अधिकारी बताते हुए उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” की धमकी दी और उनका मोबाइल नंबर पहलगाम आतंकी घटना से जुड़ा होने का दावा किया।
यह घटना सिगरा थाना क्षेत्र के त्रिदेव अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास की है। पीड़ित के अनुसार, 28 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया और वीडियो कॉल रिसीव करने को कहा। कुछ देर बाद आई वीडियो कॉल में किसी का चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था।
डॉ. जायसवाल ने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि जिस मोबाइल नंबर से बातचीत हो रही है, उसका इस्तेमाल पहलगाम आतंकी हमले में किया गया है। इसके बाद एक और वीडियो कॉल आई, जिसमें पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया। उसने खुद को एटीएस का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए तत्काल पैन कार्ड और बैंक विवरण भेजने को कहा, साथ ही कमरे का दरवाजा बंद करने का निर्देश दिया।
इस दौरान डॉ. जायसवाल की पत्नी को उनकी परेशानी का अंदेशा हुआ। उन्होंने उसी फोन को होल्ड पर डालकर राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल को कॉल कर पूरे मामले की जानकारी दी। राज्यमंत्री ने तुरंत समझाया कि यह साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट की साजिश है। इसके बाद कॉल काट दी गई और पीड़ित ने सिगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि त्रिदेव अन्नपूर्णा अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 405 में रहने वाले अवध विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी डॉ. गुलाबचंद्र राम जायसवाल की तहरीर पर साइबर ठगी के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 351(4) और 352 के तहत केस दर्ज कर लिया है और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।



