उत्तर प्रदेशचंदौली

पश्चिम वाहिनी गंगा में आस्था का महास्नान, मौनी अमावस्या पर बलुआ घाट उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर भोर से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पश्चिम वाहिनी गंगा में लगाई आस्था की डुबकी, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

रिपोर्ट: गणपत राय

चंदौली। मौनी अमावस्या का पावन पर्व रविवार को पश्चिम वाहिनी गंगा के बलुआ घाट पर श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। भोर से ही हजारों श्रद्धालु मां गंगा में पुण्य स्नान के लिए घाट पर उमड़ पड़े। हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन मौन रहकर गंगा स्नान, जप-तप और दान करने से पापों का नाश होता है और आत्मशुद्धि के साथ मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज से श्रद्धालु पश्चिम वाहिनी बलुआ घाट पहुंचे।

पश्चिम दिशा में प्रवाहित होने वाली बलुआ घाट की गंगा को दुर्लभ और अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। मान्यता है कि यहां स्नान करने से कई गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है, जिस कारण हर वर्ष यहां भारी भीड़ उमड़ती है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर और सीओ स्नेहा तिवारी मौके पर मौजूद रहे। थानाध्यक्ष बलुआ अतुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जबकि गंगा में प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम निगरानी करती रही। गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष दीपक जायसवाल के नेतृत्व में वालंटियर भी श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे रहे।

स्नान के बाद घाट परिसर में लगे मेले ने उत्सव के माहौल को और जीवंत बना दिया। चाट, पकौड़ी, जलेबी की दुकानों पर भीड़ रही, वहीं बच्चों ने झूले और चरखी का आनंद लिया। कुल मिलाकर मौनी अमावस्या का पर्व बलुआ घाट पर शांति, सुरक्षा और श्रद्धा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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