नए साल पर आस्था का महासैलाब, अयोध्या–काशी–मथुरा में टूटे भीड़ के सारे रिकॉर्ड
रामलला, बाबा विश्वनाथ और बांके बिहारी के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु, वृंदावन में महाकुंभ जैसे हालात, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

नए साल के आगमन के साथ ही धार्मिक आस्था ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर नया रिकॉर्ड बना दिया है। अयोध्या, वाराणसी और मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा है कि प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को व्यवस्थाएं संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। रामनगरी अयोध्या में प्रभु श्रीराम, काशी में बाबा विश्वनाथ और मथुरा-वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
अयोध्या में राम पथ और भक्ति पथ पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं। वहीं काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के जलाभिषेक के लिए करीब दो किलोमीटर तक लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। मंदिर परिसर से लेकर मैदागिन और गोदौलिया तक भक्तों का रेला लगातार बढ़ता जा रहा है।
भीड़ के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, पीएसी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। काशी विश्वनाथ धाम में बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और अतिरिक्त होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सबसे चुनौतीपूर्ण स्थिति वृंदावन में बनी हुई है, जहां बांके बिहारी मंदिर के आसपास महाकुंभ जैसे हालात नजर आ रहे हैं। संकरी गलियों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक के बावजूद श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ आवक जारी है। हालात को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे 5 जनवरी के बाद ही दर्शन की योजना बनाएं, ताकि सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित हो सकें।
प्रशासन ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को भीड़भाड़ वाले समय में मंदिर आने से बचने की सलाह दी है। साथ ही आने वाले कुछ दिनों तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहने की भी जानकारी दी गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें।



