दालमण्डी मार्ग चौड़ीकरण के खिलाफ व्यापारियों का विरोध, पुनर्वास और मुआवजे की उठी मांग
पुश्तैनी दुकानों पर मंडरा रहा ध्वस्तीकरण का खतरा, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन; बोले– “बिना वैकल्पिक व्यवस्था उजड़ जाएगी आजीविका”
वाराणसी: दालमण्डी मार्ग के प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर प्रभावित व्यापारियों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि इस परियोजना की जद में उनकी पुश्तैनी दुकानें आ रही हैं, जिन पर पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से उनका व्यवसाय संचालित हो रहा है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि दालमण्डी क्षेत्र की अधिकांश दुकानें उनके पूर्वजों द्वारा स्थापित की गई थीं। इन्हीं दुकानों से होने वाली आय से उनके परिवारों का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, शादी-विवाह, इलाज और अन्य जरूरी खर्च पूरे होते हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से दुकानें खाली करने और ध्वस्तीकरण की दी गई नोटिस से व्यापारियों और उनके परिवारों में गहरी चिंता व्याप्त है।
व्यापारियों का कहना है कि वे विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास या उचित मुआवजे के उनकी दुकानें हटाना उनके साथ अन्याय होगा। उनका तर्क है कि यदि उन्हें पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया या पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं दी गई, तो उनकी आजीविका का एकमात्र साधन समाप्त हो जाएगा और परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने या ध्वस्त करने से पूर्व प्रशासन स्पष्ट पुनर्वास नीति घोषित करे। साथ ही प्रभावित व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान पर पुनर्स्थापित करने या बाजार दर के अनुसार मुआवजा देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
व्यापारियों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है, ताकि वर्षों से स्थापित उनके व्यवसाय और परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो वे आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।



