ठंड और कोहरे के बीच स्वर्ग सा नजारा, सैलानियों को लुभा रहा राजदरी-देवदरी
ठंड और कोहरे के बीच प्राकृतिक चित्रकला बना चंदौली का राजदरी-देवदरी, नए साल की छुट्टियों में उमड़ी भीड़
रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने भले ही आम जनजीवन को प्रभावित किया हो, लेकिन प्रकृति प्रेमियों के लिए यह मौसम किसी सौगात से कम नहीं है। चंदौली जिले में स्थित प्रसिद्ध राजदरी-देवदरी जलप्रपात इन दिनों अपनी पूरी खूबसूरती के साथ सैलानियों को आकर्षित कर रहा है। ठंड के मौसम में पहाड़ी से पूरे वेग से गिरता दूधिया पानी, चारों ओर फैली हरियाली और घाटी में छाया कोहरा इस जलप्रपात को और भी मनमोहक बना रहा है।
चंदौली के चकिया-नौगढ़ मार्ग पर, चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार की सीमा से करीब दो किलोमीटर पूर्व दिशा में स्थित राजदरी-देवदरी जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। चारों ओर घने जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित यह जलप्रपात सर्दियों में किसी स्वर्गिक दृश्य जैसा प्रतीत होता है। जब कोहरा पूरी घाटी को ढक लेता है और उसी बीच पहाड़ी से पानी गिरता है, तो नजारा किसी प्राकृतिक चित्रकला जैसा दिखाई देता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ठंड के दिनों में राजदरी-देवदरी की छटा कई गुना बढ़ जाती है। इन दिनों पहाड़ी से पानी पूरे वेग के साथ गिर रहा है, जिससे जलप्रपात का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। यही वजह है कि ठंड के बावजूद सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
नए साल और ठंड की छुट्टियों के चलते चकिया, मुगलसराय, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर के साथ-साथ बिहार से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ आए सैलानी पूरे दिन जलप्रपात के आसपास समय बिता रहे हैं और प्रकृति की गोद में सुकून के पल महसूस कर रहे हैं।
चंद्रप्रभा अभयारण्य के रेंजर अखिलेश कुमार दुबे ने बताया कि यह क्षेत्र वन्यजीव अभयारण्य घोषित है, इसलिए यहां आग जलाने, भोजन बनाने और हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद सुहावने मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण दूर-दराज से लोग यहां पहुंच रहे हैं। सैलानी राजदरी-देवदरी के पास घंटों रुककर पहाड़ी से गिरते पानी का आनंद ले रहे हैं और मोबाइल व कैमरों में इस खूबसूरत पल को कैद कर रहे हैं।



