जल जीवन मिशन में बड़े घोटाले का आरोप, ऑपरेटरों की समस्या लेकर जल निगम पहुंचे पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू
पांच हजार रुपये में 24 घंटे ड्यूटी का आरोप, 17 मार्च तक समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट: अवधेश राय
चंदौली में जल जीवन मिशन को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है। सैयदराजा के पूर्व विधायक और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू शुक्रवार को एक बार फिर जल निगम कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत ठेका प्रथा के जरिए रखे गए ऑपरेटर कम चौकीदारों की समस्याओं को जोर-शोर से उठाया।
बताया गया कि एसडीएम से उनकी टेलीफोनिक बातचीत हुई, जिसमें जानकारी दी गई कि ऑपरेटरों की समस्याओं के समाधान के लिए जिलाधिकारी, एक्सईएन और ठेका प्राप्त कंपनियों के अधिकारियों के बीच बैठक चल रही है। उम्मीद जताई गई है कि अगले चार दिनों में इस मामले में कोई ठोस पहल की जा सकती है।
मनोज सिंह डब्लू ने आरोप लगाया कि जिले में बनी पानी टंकियों पर तैनात ऑपरेटर कम चौकीदारों से मात्र पांच हजार रुपये में चौबीसों घंटे ड्यूटी ली जा रही है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन और अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल निगम के अधिकारियों और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि ठेका प्राप्त कंपनियों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचाने के नाम पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है, जिसमें जल निगम, प्रशासनिक अधिकारियों और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
मनोज सिंह डब्लू ने दावा किया कि इस योजना के तहत लगभग एक लाख करोड़ रुपये का घोटाला हो रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनियों को पानी टंकी निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, घर-घर जल पहुंचाने और 10 साल तक रखरखाव के लिए भारी भरकम ठेके दिए गए हैं। किसी कंपनी को 17 हजार करोड़, तो किसी को 23 हजार और 27 हजार करोड़ रुपये तक का काम आवंटित किया गया है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि जनता के टैक्स से दी गई है, ताकि हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंच सके। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी जिले के किसी भी गांव में घरों तक पानी पहुंचाने का काम पूरा नहीं हुआ है।
पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि 17 मार्च तक ऑपरेटरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उसी दिन आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और जल निगम में हो रहे भ्रष्टाचार का परत दर परत खुलासा किया जाएगा।
वहीं इस मामले में एक्सईएन जल निगम ने भी 17 मार्च तक उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।



