चंदौली में प्रतिबंधित ‘पीला फास्फोरस’ पेस्ट पर सख्ती, बेचने वालों पर होगी FIR
चूहा मार दवा के नाम पर बिक रहा जानलेवा रसायन, प्रशासन ने कीटनाशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की दी चेतावनी

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चंदौली जिले में प्रतिबंधित ‘पीला फास्फोरस 3% पेस्ट’ की बिक्री को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। भारत सरकार द्वारा इस खतरनाक रसायन के वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब जिला प्रशासन ने कीटनाशक विक्रेताओं और विनिर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, यदि कोई भी विक्रेता इस प्रतिबंधित पेस्ट का स्टॉक रखते या बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कीटनाशी अधिनियम 1968 और नियम 1971 के तहत सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस संबंध में विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से इस रसायन को चूहा मारने की दवा बताकर किसानों को बेच रहे हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ‘पीला फास्फोरस’ पेस्ट बेहद खतरनाक है और यह न केवल चूहों बल्कि इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसके संपर्क में आने या गलती से सेवन करने पर यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे लीवर, किडनी, हृदय और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को गंभीर और स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पेस्ट अब “प्रतिबंधित कीटनाशकों” की श्रेणी में शामिल है और इसके निर्माण, भंडारण या बिक्री पर पूरी तरह रोक है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे चूहों के नियंत्रण के लिए केवल अनुमोदित और सुरक्षित कीटनाशकों का ही उपयोग करें। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा भी इस रसायन के खतरों को देखते हुए सुरक्षा मानक जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है।



