चंदौली परिवहन विभाग में ‘वसूली कांड’, ARTO के सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव गिरफ्तार
ट्रांसपोर्टरों से हर ट्रक पर 5000 मासिक वसूली का आरोप, एडीजी के निर्देश पर कार्रवाई; पूरे सिंडिकेट की जांच सीओ सदर को सौंपी

रिपोर्ट: लारेंस सिंह
चंदौली में परिवहन विभाग एक बार फिर अवैध वसूली के आरोपों को लेकर सुर्खियों में आ गया है। ट्रांसपोर्टरों की शिकायत के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एआरटीओ कार्यालय में तैनात सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है।
मामले की शुरुआत गाजीपुर निवासी ट्रांसपोर्टर सुनील यादव की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसपोर्टरों से हर ट्रक के बदले ₹5000 प्रति माह ‘एंट्री फीस’ के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। शिकायत के मुताबिक जो ट्रांसपोर्टर यह रकम देने से मना करते थे, उनके ट्रकों को रास्ते में रोककर चालान काटने या वाहन सीज करने की धमकी दी जाती थी।
पीड़ित का आरोप है कि 19 और 20 फरवरी की रात उनके ट्रक को चंदौली-मिर्जापुर बॉर्डर पर रोक लिया गया और दबाव बनाने के लिए पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनसे अब तक करीब ₹90,000 की ऑनलाइन वसूली की जा चुकी है।
शिकायत सामने आने के बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा। एडीजी के निर्देश पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एआरटीओ कार्यालय में तैनात सिपाही दुर्गा श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है, जो कथित वसूली तंत्र की गहराई से जांच कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने परिवहन विभाग में पहले भी सामने आ चुके भ्रष्टाचार के मामलों की यादें ताजा कर दी हैं। सपा सरकार के समय के चर्चित एआरटीओ आर.एस. यादव प्रकरण को भी लोग याद कर रहे हैं, जिसमें ट्रकों से अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी और लंबी कानूनी कार्रवाई चली थी।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध वसूली के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले के खुलासे के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।



