गरीब मजदूरों की जीवन रेखा: मनरेगा योजना पर चौपाल
प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान ने ग्राम पंचायत जमोखर में जागरूकता चौपाल का आयोजन किया

रिपोर्ट: गणपत राय
चंदौली, 18 जनवरी: मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जिला को-ऑर्डिनेटर प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में जन चौपाल का आयोजन सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जमोखर में सम्पन्न हुआ। चौपाल की अध्यक्षता ग्राम प्रधान श्रीमती इंद्रा देवी ने की।
जिला को-ऑर्डिनेटर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मनरेगा योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से गरीब मजदूरों को उनके ही ग्राम पंचायत में रोजगार सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई थी। यह योजना ग्रामीण मजदूरों को अपने परिवार को छोड़कर दूर जाने की आवश्यकता से बचाती थी।
प्रदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा योजना में बदलाव कर गरीबों को पलायन के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि नई योजना में राज्य सरकारों को योजना बजट का 40% हिस्सा वहन करना पड़ता है, जो इसकी सबसे बड़ी कमजोरी है।
पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. राम अधार जोसफ ने कहा कि मनरेगा योजना से पलायन काफी हद तक रुका था और ग्रामीण अपने परिवार के साथ समय बिता सकते थे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत देश की किसी भी ग्राम पंचायत में किसी भी परिवार द्वारा काम मांगने पर 15 दिन के भीतर रोजगार सुनिश्चित करना अनिवार्य था, लेकिन मोदी सरकार के नए कानून ने इसे समाप्त कर दिया।
पीसीसी सदस्य गंगा प्रसाद ने कहा कि मनरेगा के तहत काम न्यूनतम मजदूरी पर दिया जाता था, जिसमें हर साल बढ़ोतरी होती थी। लेकिन नए बदलाव के कारण अब मजदूरी मनमाने तरीके से तय की जाएगी।
इस दौरान डॉ. राम अधार जोसफ, गंगा प्रसाद, हीरालाल शर्मा, शशिनाथ उपाध्याय, श्रीकांत पाठक, ज्ञान तिवारी, कंचन राम, मिठाई राम, नगीना राम सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।



