कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी का खुलासा, 25 हजार का इनामी समेत दो गिरफ्तार
फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए 2 करोड़ के अवैध कारोबार का पर्दाफाश, हवाला से मंगाई जाती थी रकम
वाराणसी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली। कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी समेत दो वांछित अभियुक्तों को संयुक्त पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर डीसीपी काशी जोन के मार्गदर्शन और एडीसीपी काशी जोन के पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली, थाना रामनगर और एसआईटी की टीम ने 26 फरवरी 2026 को रामनगर क्षेत्र स्थित ढुन्दराज पुलिया के पास टेगड़ा मोड़ से दोनों आरोपियों को दबोचा।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी जीएसटी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए झारखंड की एक फर्म से कागजों में कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाई। हकीकत में कोडीनयुक्त “न्यू फेसाडिल” कफ सिरप को मेडिकल उपयोग के बजाय नशे के तौर पर पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश तक तस्करी किया जाता था। अवैध कमाई हवाला के माध्यम से मंगाई जाती थी।
मुख्य आरोपी मनोज यादव ने पूछताछ में करीब 1,26,000 शीशियों के अवैध कारोबार की बात स्वीकार की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई। पुलिस के अनुसार यह माल वाराणसी नहीं लाया गया, बल्कि सीधे अन्य राज्यों में खपाया जाता था। अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए आरोपियों ने प्रॉपर्टी और कंपनियों में निवेश किया और करीब 3 करोड़ रुपये की संपत्तियां खरीदीं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। साथ ही आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।



