अंतरराष्ट्रीय

किसानों को लागत के अनुसार मिलेगा केसीसी ऋण, कृषि व संबद्ध क्षेत्रों के वित्तमान को मंजूरी

डीएम चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक, वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न फसलों व पशुपालन के वित्तमान स्वीकृत

रिपोर्ट: गणपत राय

किसानों को उनकी वास्तविक लागत के अनुरूप किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में 23 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में वर्ष 2026-27 की जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, रेशम कीट पालन और मधुमक्खी पालन से जुड़े कार्यक्रमों के सुचारू संचालन हेतु लागत आधारित वित्तमान को अनुमोदन दिया गया।

जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि निवेश लागत में हुई आंशिक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए वित्तमान में सनई/दैचा के लिए 1.1 प्रतिशत से लेकर धान के लिए 4.5 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वहीं औद्यानिक फसलों के वित्तमान में 3 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया।

मत्स्य पालन के लिए वर्ष 2026-27 में वित्तमान को 4 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर स्थिर रखा गया है। मधुमक्खी पालन के लिए 50 मौन गृहों का वित्तमान 3 प्रतिशत वृद्धि के साथ 2,65,225 रुपये प्रस्तावित किया गया। रेशम विभाग ने शहतूत सिल्क पालन के वित्तमान को प्रति एकड़ 3 लाख रुपये पर यथावत रखने का सुझाव दिया।

पशुपालन विभाग द्वारा गाय पालन में 4.4 प्रतिशत, भैंस पालन में 0.9 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया, जबकि भेड़-बकरी और सुकर पालन के वित्तमान में कमी का सुझाव रखा गया है। मुर्गी पालन के वित्तमान को पूर्ववत रखने का प्रस्ताव किया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि वित्तमान निर्धारण में किसानों की उत्पादन आवश्यकताओं के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया गया है कि फसल बीमा का प्रीमियम किसानों पर अतिरिक्त बोझ न बने और वे ऋणजाल में न फंसें। उन्होंने बीमित किसानों से अपील की कि प्राकृतिक आपदा या कटाई के बाद फसल क्षति की स्थिति में 14 दिनों के भीतर फसल बीमा कंपनी के हेल्पलाइन नंबर 14447 अथवा उप कृषि निदेशक, चंदौली को सूचना दें।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, नाबार्ड प्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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